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Showing posts from May, 2020

5 June 2020 kabir parkar divas

कबीर परमेश्वर को तोप के गोलों से मारने की व्यर्थ चेष्टा" कबीर जी को मारने के लिए शेखतकी के आदेश पर पहले पत्थर मारे, फिर तीर मारे। परन्तु परमेश्वर की ओर पत्थर या तीर नहीं आया। फिर चार पहर तक तोप यंत्र से गोले चलाए गए। लेकिन दुष्ट लोग अविनाशी कबीर जी का कुछ नहीं बिगाड़ सके। 👇👇👇👇 Sadhana TV 7:30pm lll #कबीरपरमेश्वर_के_साथ_52बदमाशी https://youtu.be/3ZSMxvqYIaQ

5 June 2020 kabir saheb parkar divas

#52_Cruelities_On_GodKabir दिल्ली के सम्राट सिकंदर लोधी ने जनता को शांत करने के लिए अपने हाथों से हथकड़ियाँ लगाई, पैरों में बेड़ी तथा गले में लोहे की भारी बेल डाली आदेश दिया गंगा दरिया में डुबोकर मारने का। उनको दरिया में फैंक दिया।  देखें साधना टीवी शाम 7:30 बजे Saint Rampal ji

5 जून 2020 कबीर प्रकट दिवस

#कबीरपरमेश्वर_सशरीर_सतलोक_गए कबीर, क्या काशी क्या ऊसर मगहर, राम हृदय बस मोरा। जो कासी तन तजै कबीरा, रामे कौन निहोरा।। मगहर में मरने वाला गधा बनता है इस भ्रम का खंडन करते हुए कबीर परमात्मा ने बताया कि जिसके हृदय में परमात्मा का वास हैं वह चाहे काशी में मरे या मगहर में उसकी मुक्ति निश्चित है। यदि काशी में तन छोड़ने से मुक्ति होती है तो भगवान को भजने की क्या आवश्यकता थी? 👇👇👇👇 Sadhana chennal 7:30pm llll

5 जून 2020 कबीर साहेब प्रकट दिवस

5 जून 2020 कबीर साहेब प्रकट दिवस #MagharLeel  a_Of_GodKabir मगहर लीला मगहर रियासत के अकाल प्रभावित स्थान में गोरखनाथ जैसे सिद्ध पुरुष भी बारिश करवाने में नाकाम रहे थे। लेकिन परमात्मा कबीर जी ने वहां बारिश करवाकर दिखा दी थी और साबित कर दिया कि वही जगत पालनहार हैं। परमात्मा कबीर जी के मगहर से सशरीर जाने के प्रमाण को मलूक दास जी भी प्रमाणित करते हुए कहते हैं:- काशी तज गुरु मगहर आए, दोनों दीन के पीर, कोई गाड़े कोई अग्न जरावे, ढूंढा ना पाया शरीर । चार दाग से सतगुरु न्यारा, अजरो अमर शरीर। दास मलूक सलूक कहत हैं, खोजो खसम कबीर।। परमात्मा का मगहर से सशरीर सतलोक पंडितों ने गलत मान्यता फैलाई थी की कि काशी में मृत्यु होने से मुक्ति मिल जाती है और मगहर में मृत्यु होने से गधा बनते हैं। लेकिन कबीर साहेब का मानना था कि अगर काशी में ही मुक्ति होती है तो जीवन भर राम-नाम जपने और ध्यान-साधना करने की क्या आवश्यकता। इसलिए कबीर साहेब काशी से मगहर जा पहुँचे। कबीर साहेब ने अपनी वाणी में भी कहा है की, "लोका मति के भोरा रे, जो काशी तन तजै कबीरा, तौ रामहि कौन निहोरा रे"

5 जून 2020 कबीर साहेब प्रकट दिवस

#GodKabir_Comes_In_4_Yugas 🎉सतयुग में सतसुकृत नाम से, त्रेतायुग में मुनिन्द्र नाम से, द्वापर युग में करूणामय नाम से तथा कलयुग में वास्तविक कविर्देव (कबीर प्रभु) नाम से प्रकट हुए हैं। 👇👇👇👇 अवश्य देखें साधना टीवी शाम 7:30 बजे संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन कबीर परमात्मा चारों युगों में आते हैं यजुर्वेद के अध्याय नं. 29 के श्लोक नं. 25 (संत रामपाल जी महाराज द्वारा भाषा-भाष्य):- जिस समय पूर्ण परमात्मा प्रकट होता है उस समय सर्व ऋषि व सन्त जन शास्त्र विधि त्याग कर मनमाना आचरण अर्थात् पूजा कर रहे होते हैं। तब अपने तत्वज्ञान का संदेशवाहक बन कर स्वयं ही कबीर प्रभु ही आता है। 👇👇👇👇 #GodKabir_Comes_In_4_Yugas 🎉कबीर परमेश्वर चारों युगों में अपने सत्य ज्ञान का प्रचार करने आते हैं। सतगुरु पुरुष कबीर हैं, चारों युग प्रवान। झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। 🎉पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) वेदों के ज्ञान से भी पूर्व सतलोक में विद्यमान थे तथा अपना वास्तविक ज्ञान (तत्वज्ञान) देने के लिए चारों युगों में भी स्वयं प्रकट हुए हैं।

कोरोना महामारी से बचव

20 जनवरी 2020 को चीनी प्रीमियर  ली केकियांग  ने नावेल कोरोनावायरस के कारण फैलने वाली निमोनिया महामारी को रोकने और नियंत्रित करने के लिए निर्णायक और प्रभावी प्रयास करने का आग्रह किया। 14 मार्च 2020 तक दुनिया में इससे 5,800 मौतें हो चुकी हैं।  इ वायरस के पूरे चीन में, और मानव-से-मानव संचरण के प्रमाण हैं। [11]  9 फरवरी तक व्यापक परीक्षण में 88,000 से अधिक पुष्ट मामलों का खुलासा हुआ था, [10]  जिनमें से कुछ स्वास्थ्यकर्मी भी हैं।  20 मार्च 2020 तक  थाईलैंड ,  दक्षिण कोरिया ,  जापान ,  ताइवान ,  मकाऊ ,  हांगकांग ,  संयुक्त राज्य अमेरिका ,  सिंगापुर , वियतनाम ,  भारत ,  ईरान ,  इराक ,  इटली ,  कतर ,  दुबई ,  कुवैत  और अन्य 160 देशों में पुष्टि के मामले सामने आए हैं। ज़्यादा सामान्य लक्षण: बुखार सूखी खांसी थकान कम सामान्य लक्षण: खुजली और दर्द गले में खराश दस्त आँख आना सिरदर्द स्वाद या गंध का अनुभव नह...

पर्यावरण का बचाव

वर्तमान दौर में पर्यावरण असंतुलन की सबसे बड़ी समस्या ग्लोबल वॉर्मिंग है तथा जिसक‍ी वजह से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है और मानव जीवन के कदम विनाश की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में अगर हमने पर्यावरण को बचाने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया तो वह दिन दूर नहीं, जब हमारा अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।   वन विभाग द्वारा पेड़ों को कटने से बचाना और लकड़ी माफिया पर नजर रखना, जो कई क्विंटल लकड़ी अवैध रूप से काटकर बेच देते हैं तथा सही समय पर उन्हें जेल तक पहुंचाना।  * मकान या भवन बनाते समय पेड़-पौधारोपण के लिए अतिरिक्त जगह छोड़ना।  सभी प्राणियों भगवान के विश्वास रखना चाहिए  और रामपाल जी महाराज ने अपनी पशु पक्षी पेड़ पौधों बिना जरूरत काटना  नहीं चाहिए

शास्त्र विरुद्ध से नास्तिकता

भक्ति', बड़े होते हुए मैं कई बार इस शब्द से गुजरा. आम तौर पर इसे भगवान के प्रति निष्ठा के तौर पर देखा जाता है. लेकिन इसका इस्तेमाल देश के प्रति प्यार या किसी दूसरे के लिए समर्पण के तौर भी किया जाता है. मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं भगवान पर भरोसा करता हूं. इसलिए काफी लंबे समय तक मैं 'देव भक्ति' का सही मतलब नहीं समझ सका. पूर्ण परमात्मा की भक्ति करने से सभी रोग बुराइयां अपने आप हो जाती हैं वर्षों बाद मैंने महसूस किया कि हिंदू धर्म में भगवान के प्रति समर्पण व्यक्त करने के कई तरीके हैं. आप भगवान को इस ब्रह्मांड का एक सर्वेसर्वा मान सकते हैं. खुद को एक दास के तौर पर सोच सकते हैं. आप चाहें तो भगवान को अपना एक अच्छा दोस्त भी मान सकते हैं और उसके प्रति दोस्ती का भाव रख सकते हैं. इससे भी आगे आप भगवान को अपने बच्चे के तौर पर देख सकते हैं और उसके लिए एक मां जैसा स्नेह महसूस कर सकते हैं. आप चाहें तो भगवान को अपने प्रेमी या प्रेमिका के तौर पर भी देख सकते हैं. साहस के साथ एक और बात मैं कहना चाहता हूं पूर्ण परमात्मा की भक्ति करने से सभी रोग और बुराई अपने आपशूट जाती हैं। पूर...

भगवान् के सविधान के खिलाफ

कबीर-माँस भखै औ मद पिये, धन वेश्या सों खाय। जुआ खेलि चोरी करै, अंत समूला जाय।। जो व्यक्ति माँस भक्षण करते हैं, शराब पीते हैं, वैश्यावृति करते हैं। जुआ खेलते हैं तथा चोरी करते हैं वह तो महापाप के भागी हैं। जो व्यक्ति माँस खाते हैं वे नरक के भागी हैं।

भगवान के संविधान खिलाफ

भगवान के संविधान अनुसार एक बार शराब पीने वाले के 70 जन्म कुत्ते के होते हैं। देवता भी मनुष्य जीवन को तरसते हैं क्योंकि मोक्ष मनुष्य जीवन में ही हो सकता है। और परमात्मा का विधान है कोई भी नशा करने वाला मोक्ष प्राप्त नहीं कर सकता और आप इस अनमोल जीवन को शराब पीने में बर्बाद कर रहे हो।

नशा करने से नाश होता है।

नशा करने से नाश होता है। इसलिए पूर्ण संत के सत्संग सुनें जिससे ग्रह क्लेश भी समाप्त हो जाता है। परमात्मा कबीर साहेब जी अपनी अमर वाणी में कहते हैं मदिरा(शराब) पीवे कड़वा पानी, सत्तर जन्म कुत्ते के जानी।। शराब पीने से 70 जन्म तक कुत्ता बनने की सजा मिलेगी। ये खुद परमात्मा ने बताया है। आज ही त्यागें ऐसी बुरी वस्तु को। 💦संत गरीबदास जी अपनी वाणी में कहते है- सुरापान मद्य मांसाहारी, गवन करे भोगे पर नारी। सत्तर जन्म कटत हैं शीशम, साक्षी साहिब हैं जगदीशम।। सुरापान व मांस आदि खाने का अंजाम जब इतना बुरा है तो इससे त्यागने में ही भलाई है। नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा। इस का किसी भी शास्त्र में उल्लेख नहीं कि नशा करें। यह मानव समाज को बर्बाद कर रहा है।