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धनतेरस की फायदे

धनतेरस मनाने से कोई आर्थिक लाभ नहीं होता है ब्राह्मणवाद और बनियों ने झूठा पाखंड रचा रखा है इससे न तो कोई फायदा है  और फायदा करने वाला वह तो पूर्ण परमात्मा ही होता है जो  जब चाहे  जिस को अमीर बनाने और और पूर्ण परमात्मा की भक्ति करने से धन और राम नाम से भी धनवान होते और जानकारी साधना टीवी शाम 30 साल 8:30 बजे तक 
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संत रामपाल जी महाराज

हिंदू धर्म की प्रभुप्रेमी आत्माएं विभिन्न प्रकार की मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं का पालन करती हैं। हम अपनी पवित्र पुस्तकों पर शोध और अध्ययन करते रहे हैं, लेकिन फिर भी हम इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए कि हिंदू धर्म के अनुसार सर्वोच्च और सर्वशक्तिमान भगवान कौन है? अलग-अलग शास्त्र, गुरु, पंडित और संत अलग-अलग भगवान की महिमा गाते हैं। अब तक कोई भी हमें इस बारे में कोई निर्णायक ज्ञान नहीं दे सका है कि हिंदू धर्म का पूर्ण परमात्मा कौन है, जिसकी पूजा करने से हम सभी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस लेख में, आप हमारे हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथों में वर्णित उस पूर्ण परमेश्वर के बारे में कई अनसुने तथ्य जानेंगे। आपको पता चलेगा कि हिंदू धर्म के हमारे पवित्र ग्रंथों के अनुसार, वो परमात्मा कौन है, जो सभी का स्वामी है। हिन्दुओं के धार्मिक ग्रंथ कौन से हैं? हिंदू धर्म में पवित्र चारों वेदों का महत्वपूर्ण स्थान है; ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। पवित्र वेदों में परमेश्वर के वचन हैं। इन्हें इस लोक (ब्रह्मांड) के स्वामी काल (ब्रह्म) द्वारा बोला गया था। इसके बाद श्रीमद्भगवद्गीता भी उसी ...

उच्च शिक्षा से नुकसान

उच्च शिक्षा से बड़े बड़े अधिकारी बन जाएंगे और ऐसो आराम हो जाएंगे और और अपने बच्चों और परिवार को भी पैसों की तो कोई कमी है और उसमें संस्कारों की कमी आ जाएगी उच्च शिक्षा ग्रहण करके दो नंबर के पैसे कमाने लग जाएंगे और इससे मान वता का नुकसान होगा बड़े बड़े अधिकारी आईएएस आईपीएस यह तो भ्रष्टाचार से लिप्त रहते न्याय करना तो दूर की  बात राजनेताओं की चापलूसी  करते हैं और उच्च शिक्षा ग्रहण करने से गरीबी को गरीब लोगों को सहयोग नहीं कर सकता वह तो पैसे कमाने में लग जाते हैं चाहे पैसे किसी भी दृष्टि से आए वह तो अपने पद और  गद्दी का दुरुपयोग करता है

आत्महत्या महापाप

मत करो अपना घात आत्महत्या हैं महापाप👏 क्या आत्महत्या सारी मुसीबतों का स्थाई हल है...? बिल्कुल नही :- आत्महत्या दुखों से मुक्ति नहीं बल्कि अपने परिवार पर दुखों का कहर थोपना वह अपनी आत्मा को परमात्मा का दोषी बनाना है आत्महत्या ईश्वर का दिया हुआ सुंदर शरीर का अपमान ही नहीं बल्कि एक सामाजिक अपराध है आत्महत्या वो त्रुटि हैं जिसका कोई प्रायश्चित नहीं है। आत्महत्या के बाद स्थूल शरीर को तो आपने नष्ट कर दिया लेकिन सूक्ष्म शरीर आपके द्वारा किए हुए अपराध की सजा भोगता है सूक्ष्म शरीर को भयंकर कष्ट होता है। गरुड़ पुराण के अनुसार आत्महत्या के बाद जीवात्मा को अनेक योनियों में कष्ट उठाने पड़ते हैं और जिस से भूत प्रेत की योनिया भोगनी पड़ती हैं और फिर पशु पक्षियों की योनियों में भुगतना पड़ता है और काल की तप्तशिला का असहनीय कष्ट भोगना पड़ता है। आत्महत्या भी व्यक्ति के पूर्व जन्म के पाप कर्मों पर निर्धारित होती हैं इसलिए शास्त्र अनुकूल सत भक्ति से व्यक्ति के पुण्य कर्म बनने शुरू हो जाते हैं और पाप कर्म क्षीण हो जाते हैं जिससे उसको जीने की राह मिल जाती हैं और वह तत्वज्ञान से अपने नकारात्मक व...

5 June kabir saheb parkar divas

#623rd_GodKabir_PrakatDiwas काशी में एक लहरतारा तालाब था। गंगा नदी विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के लिए गए हुए थे। वहां नीरू - नीमा को कमल कद फूल पर शिशु रूप में कबीर परमात्मा मिले थे। कबीर प्रकट दिवस 2020

5 June 2020 Kabir saheb parkar divas

#5जून_महासत्संग_साधनाTVपर  हम सब जीवो को पार करने के लिए ही कबीर साहेब स्वयं ही  संत रामपाल जी महाराज के रूप में आए हुए हैं आप सत्संग जरूर सुने #5thJuneKabirPrakatDiwas

5 June 2020 kabir saheb parkar divas

#DeepKnowledge_Of_GodKabir वास्तविक धर्म का ज्ञान कबीर परमेश्वर जी ने सभी धर्मों के लोगों को संदेश दिया कि सब मानव एक परमात्मा की संतान हैं। अज्ञानता वश हम अलग-अलग जाति धर्मों में बंट गये। जीव हमारी जाति है,मानव धर्म हमारा। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में सब भाई-भाई। आर्य जैनी और विश्‍नोई, एक प्रभु के बच्चे सोई।। 👇👇👇👇 Sadhana chennal 7:30pm lll #2DaysLeft_KabirPrakatDiwas